34.3 C
Dehradun
Tuesday, April 20, 2021
Homeउत्तराखंडउत्तराखंड: मनरेगा के तेहत ग्रामीण आजीविका में सुधार के लिए लागू हुआ...

उत्तराखंड: मनरेगा के तेहत ग्रामीण आजीविका में सुधार के लिए लागू हुआ ‘आजीविका पैकेज मॉडल’, 30 हजार परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य

- Advertisement -
- Advertisement -

मनरेगा में केंद्राभिसरण के माध्यम से ग्रामीण आजीविका में सुधार के लिए ‘आजीविका पैकेज मॉडल’ लागू कर दिया गया है। इसमें चयनित परिवारों को उनकी भूमि की उपलब्धता और रुचि के अनुसार एक से अधिक सेक्टर में आजीविकापरक परिसंपत्तियां प्रदान की जाएंगी।

कोरोनाकाल में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार मुहैया कराने का बड़ा जरिया बना महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) अब उत्तराखंड में एक और नई इबारत लिखने जा रहा है। इस संबंध में मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने आदेश भी जारी कर दिए हैं। राज्य के करीब 30 हजार परिवारों को इस मॉडल से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

मनरेगा के तहत प्रतिवर्ष हजारों परिवारों को व्यक्तिगत श्रेणी में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पशु आश्रयस्थल, उद्यानीकरण, भूमि सुधार, सिंचाई समेत अन्य सुविधाओं से लाभान्वित किया जाता है। प्रदेश में प्रतिवर्ष औसतन 24 हजार व्यक्तिगत लाभ की परिसंपत्तियां निर्मित की जाती हैं। अब ऐसे परिवारों को उनकी रुचि और भूमि की उपलब्धता के अनुसार एकमुश्त पर्याप्त परिसंपत्तियां सुविचारित पैकेज मॉडल के जरिये उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है, जिससे सालभर में अधिकांश समय उनकी आजीविका सुनिश्चित हो सकेगी। इसी कड़ी में मनरेगा और विभिन्न विभागों की व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं के केंद्राभिसरण से जॉब कार्ड धारक परिवार को आजीविकापरक परिसपंत्तियां एकमुश्त देने के लिए आजीविका पैकेज मॉडल लाया गया है।

मुख्य सचिव की ओर से सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में भेजे गए आदेश के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में जिन रेखीय विभागों की व्यक्तिगत लाभ की योजनाएं संचालित की जाती हैं, उनके साथ मनरेगा का केंद्राभिसरण अनिवार्य होगा। इसके लिए तय लक्ष्य से अधिक लाभार्थी सामने आते हैं तो लाभार्थी के अंश के साथ मनरेगा के जरिये भी परिसंपत्तियां विकसित की जा सकती हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments