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Monday, June 14, 2021
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उत्तराखंड: विदेश से पढ़ाई कर अपने गांव लौटा जतिन, शुरू किया ड्रैगन फ्रूट की खेती से खुद का रोजगार, आज लाखों में होती है कमाई।

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आज कोरोना संक्रमण के प्रकोप के चलते बहुत से लोग अपनी नौकरी गवां रहे हैं। वही लोगों रोजगार के अभाव में आर्थिक संकटों से जूझना पड़ रहा है। वही कुछ लोग अपनी अच्छी नौकरी छोड़ कर खुद से रोजगार शुरू करके लाखों में कमाई कर रहे हैं। इसी से जुड़ी ऐसी ही एक खबर सामने आई है। ऊधमसिंहनगर में रहने वाले युवा किसान जतिन सिंघल ने विदेश की नौकरी छोड़ खुद का रोजगार शुरू करके लाखों में कमाई कर रहे हैं। वह बाजपुर में ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। उन्होंने अमेरिका में रहकर वायरलेस टेक्नोलॉजी की पढ़ाई की है। लेकिन वो अपने देश में रहकर ही कुछ अलग करना चाहते थे। इस बीच उन्हें ड्रैगन फ्रूट की खेती करने का ख्याल आया। जतिन ने इंटरनेट पर ड्रैगन फ्रूट की खेती संबंधी जानकारी जुटाई और फिर साल 2018 में गुजरात से ड्रैगन फ्रूट के पौधे लाकर अपने खेतों में रोप दिए। जतिन ने एक हेक्टेयर क्षेत्र में 1300 पिलरों पर 5200 पौधे लगवाए हैं। एक साल बाद ही इन पौधों में फल आने लगे थे। ड्रैगन फ्रूट औषधीय गुणों से भरपूर है। जतिन कहते हैं कि फिलहाल ये फल आमतौर पर विदेश से आयात होता है। इस फल का भारत में उत्पादन मांग का 15 प्रतिशत भी नहीं है। इसकी खेती से प्रति हेक्टेयर 15 लाख रुपये तक की वार्षिक आय हो सकती है। एक वर्ष का प्रारंभिक खर्चा करीब 12 लाख प्रति हेक्टेयर है। बाद में देखरेख आदि मिलाकर करीब दो लाख रुपये प्रति वर्ष अलग से खर्चा आता है। लागत के मुकाबले आमदनी ज्यादा है। दूसरे से तीसरे वर्ष में प्रति हेक्टेयर आमदनी 10 से 12 लाख हो सकती है, जबकि तीसरे-चौथे साल में 12 से 15 लाख तक की आमदनी आसानी से हासिल की जा सकती है। एक बार प्लांट लगाने पर इसका फायदा 20 से 25 साल तक मिलता है। जतिन के खेतों में लगे पौधे इस साल जून के बाद फल देने लगेंगे। यह प्राकृतिक गुणों से भरपूर एक ऐसा फल है, जो कोरोना संक्रमण और डेंगू बुखार दोनों से बचाने में सहायक है।आज इसकी देश विदेश में खुब मांग है।

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