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Wednesday, April 21, 2021
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उत्तराखंड सरकार ने जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए ली वायु सेना की मदद, देहरादून पहुंचा एक हेलिकॉप्टर

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उत्तराखंड के जंगलों में हर साल लगने वाली आग एक बार फिर ख़बरों में है। इस बार जंगलों में लगी आग ने हर जगह तांडव मचाया हुआ है। जिससे राज्य सरकार बेहद चिंतित है। जिसके बाद अब राज्य सरकार आग बुझाने के लिए वायु सेना की मदद ले रही है। जिसके बाद एयर फोर्स ने राज्य सरकार की मंजूरी पर दो चौपर देने को हरी झंडी दे दी है। ये चौपर ऑन डिमांड हर समय तैनात रहेंगे। जिसके बाद केंद्र सरकार के सहयोग से सोमवार को जंगलों में तबाही मचा रही आग को बुझाने के लिए टिहरी जनपद के नरेन्द्र नगर रेंज में वायुसेना के एमआई-17 हेलिकॉप्टर ने आपरेशन चलाया। वायुसेना के इन हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल जंगल में लगी आग बुझाने के लिए किया जा रहा है। सोमवार को भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों ने प्रभावित क्षेत्रों में पानी का छिड़काव किया। पिछले 24 घंटों में जंगल में आग की 85 और घटनाएं दर्ज हुई है।

जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ती जा रही है। जिसके बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह ने केंद्र सरकार से मदद मांगी थी। जिसके बाद तत्काल दो हेलीकॉप्टर भेजे गए। जिसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश को हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें भी प्रदेश को दी जाएंगी। हेलीकॉप्टर के जरिए आग बुझाने की शुरू की गई कवायद के प्रथम चरण में सोमवार को गढ़वाल क्षेत्र के टिहरी जिले के नरेंद्रनगर वन प्रभाग की नरेन्द्रनगर रेंज के तहत अदवाणी और तमियार के जंगलों में आग बुझाई गई। उत्तराखंड के और जंगलों में लगी आग को बुझाने भी वायु सेना की टीम जाएंगी।

उत्तराखण्ड का भौगोलिक क्षेत्रफल 53,483 वर्ग किलोमीटर है। इसमें 64.79 प्रतिशत, यानी 34,651.014 वर्ग किमी वन क्षेत्र हैं। इनमें से 24414408 वर्ग किमी क्षेत्र वन विभाग के अधीन हैं। इसमें से करीब 24260.783 वर्ग किमी क्षेत्र आरक्षित वनों की श्रेणी में हैं। शेष 39.653 वर्ग किमी जंगल वन पंचायतों के नियंत्रण में हैं। आरक्षित वनों में से 394383.84 हेक्टेयर भूमि में चीड़ के जंगल हैं और 383088.12 हेक्टेयर बाँस एवं शाल के वन हैं। वहीं 614361 हेक्टेयर में मिश्रित वन हैं। लगभग 22.17 फीसदी वन क्षेत्र खाली पड़ा है।

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