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Wednesday, April 21, 2021
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आज 22 मार्च को पूरे विश्व में मनाया जाता है ‘विश्व जल दिवस’, आइये हम सब मिलकर इसे बचाएं और इसके महत्व को समझे

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आज 22 मार्च को पूरे विश्व में विश्व जल दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विश्व के सभी विकसित देशों में स्वच्छ एवं सुरक्षित जल की उपलब्धता सुनिश्चित करवाना है साथ ही यह जल संरक्षण के महत्व पर भी ध्यान केंद्रित करता है। ब्राजील में  रियो डी जेनेरियो में वर्ष 1992 में आयोजित पर्यावरण तथा विकास का संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विश्व जल दिवस मनाने की पहल की गई तथा वर्ष 1993 में संयुक्त राष्ट्र ने अपने सामान्य सभा के द्वारा निर्णय लेकर इस दिन को वार्षिक कार्यक्रम के रूप में मनाने का निर्णय लिया इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों के बीच में जल संरक्षण का महत्व साफ पीने योग्य जल का महत्व आदि बताना था। 1993 में पहली बार विश्व जल दिवस मनाया गया था और संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1992 में अपने ‘एजेंडा 21’में रियो डी जेनेरियो में इसका प्रस्ताव दिया था।

हर साल विश्व जल दिवस की एक थीम निर्धारित की जाती है. इस साल की थीम “वेल्यूइंग वाटर” है, जिसका लक्ष्य लोगों को पानी का महत्व समझाना है। पानी की किल्लत की वजह से भारत में ग्रामीण लोग अब गांवों को छोड़कर शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। वहीं दुनिया में कई देश ऐसे हैं जहां लोगों को पीने योग्य पानी ही उपलब्ध नहीं होता और वहां के लोग गंदा पानी पीकर तमाम स्वास्थ्य संबन्धी समस्याओं का सामना करते हैं। कई बार तो इसकी वजह से उनकी मौत तक हो जाती है।

जल का महत्व-

मनुष्य जीवन में जल का बहुत बड़ा महत्व है। जल के बिना कुछ भी संभव नहीं है। जल के बिना मनुष्य के जीवन की कल्पना तक नहीं की जा सकती है। पृथ्वी पर जल पाया जाता है इसलिए इसे ब्रह्मांड का एक अनोखा ग्रह कहा जाता है। जल के कारण ही आज मनुष्य जाति पृथ्वी पर विकसित हो सकी है। मनुष्य, पशुओं, पेड़-पौधों सभी को जल की जरूरत है। दुनिया में, 99% पानी महासागरों, नदियों, झीलों, झरनों आदि के अनुरूप है। केवल 1% या  इससे भी कम पानी पीने के लिए उपयुक्त है। हालाँकि, पानी की बचत आज की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। केवल पानी की कमी पानी के अनावश्यक उपयोग के कारण है। बढ़ती आबादी और इसके परिणामस्वरूप बढ़ते औद्योगिकीकरण के कारण, शहरी मांग में वृद्धि हुई है और पानी की खपत बढ़ रही है। पृथ्वी का 71 प्रतिशत हिस्सा पानी से भरा हुआ है लेकिन स्वच्छ जल की बात करें तो उसका प्रतिशत बहुत ही कम है। कई सारे देश ऐसे हैं जहां के रहवासी गंदा पानी पीकर अपना जीवन काट रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि जल का संरक्षण किया जाए ताकि लोग जिंदा रह सके और लोगों तक अच्छा पानी पहुंचे।

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