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Monday, October 26, 2020
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उत्तराखंड का यह गांव 25 वर्षों से देश की रक्षा के लिए शहादत देने वाले जवानों का गांव, पढ़िए

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उत्तराखंड के नैनीताल जिले का बिन्दूखत्ता गांव देश की सीमाओं की रक्षा के लिए शहादत देने वाले जवानों का गांव है। 25 सालों में 15 वीरों ने देश के लिए जान की बाजी लगाकर सीमाओं की रक्षा की है। वर्ष 1962, 1965, 1971 की लड़ाई मोर्चा लेने के साथ ही यहां के जवान जोखिम भरे कई बड़े ऑपरेशनों में भी हिस्सा ले चुके हैं। वीर सपूतों के परिवार आज भी यहां निवास करते हैं। मिनी उत्तराखंड के नाम से जाना जाने वाले बिन्दूखत्ता की आबादी करीब एक लाख है। जिसका 75 फ़ीसदी हिस्सा पूर्व सैनिकों या फिर वर्तमान में देश सेवा में तैनात सैनिकों का है। यहां के वीर सैनिकों ने भारत चीन युद्ध, भारत-पाक युद्ध, कारगिल युद्ध तथा समय-समय पर होने वाले विभिन्न ऑपरेशनों में देश सेवा के खातिर अपने प्राणों का बलिदान दिया है। अशोक चक्र विजेता मोहन नाथ गोस्वामी जैसे वीरों को जन्म देने वाली बिन्दुखत्ता की भूमि ने देश सेवा में कई कीर्तिमान रचे हैं।

पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष खिलाफ सिंह दानू व मीडिया प्रभारी प्रकाश मिश्रा ने बताया कि बिन्दूखत्ता के जाबांज देवेंद्र सिंह चौहान, दर्शन सिंह साही, मोहन सिंह कोरंगा, सुंदर सिंह खर्कवाल, लक्ष्मण सिंह, होशियार सिंह, आनंद प्रकाश, तारा सिंह, हर्मल सिंह, उमेश सिंह व दरबान सिंह सहित लगभग कई वीर जाबांजों ने कारगिल युद्ध में शिरकत की थी। अपने शौर्य और पराक्रम से इन्होंने विजय दिलाई।

देश की सीमाओं की रक्षा के लिए शहादत देने वाले बिन्दूखत्ता गांव के जवान

  • 3 सितंबर 2015 – बिन्दूखत्ता के इंद्रानगर नगर प्रथम निवासी शहीद लांस नायक मोहन नाथ गोस्वामी ने अदम्य साहस दिखाकर 10 आतंकवादियों को ढेर कर वीरगति को प्राप्त हो गए। आपको देश का सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार अशोक चक्र (मरणोपरांत) राष्ट्रपति ने देकर सम्मानिक किया।
  • 17 मई 1995 – बिन्दूखत्ता कें इंद्रानगर दो निवासी शहीद नायक शेखर चंद्र फुलारा जम्मू कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गए।
  • 12 नवम्बर 1999 – बिन्दूखत्ता के परमा गांंव निवासी शहीद देवी दत्त खोलिया जम्मूूू कश्मीर के पुंछ में दुश्मनों से लड़ते-लड़ते शहीद हो गए।
  • 10 मई 2000 – बिन्दूखत्ता के शीशमभुजिया निवासी शहीद हवलदार हर्ष सिंह जम्मू कश्मीर में ऑपरेशन रोड रक्षक के दौरान शहीद हो गए।
  • 25 सितंबर 2000 – बिन्दूखत्ता के खुरियाखत्ता निवासी शहीद सिपाही महेश सिंह भैंसोडा जम्मू कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक बारामुला के दौरान शहीद हो गए।
  • 18 जनवरी 2001- बिन्दूखत्ता के इंद्रानगर दो निवासी शहीद सूबेदार गोविंद सिंह पपोला जम्मू कश्मीर के आनंदपुर सर्च ऑपरेशन के दौरान बम विस्फोट में शहीद हो गए।
  • 11 जनवरी 2002 – बिन्दूखत्ता के तिवारी नगर चित्रकूट निवासी शहीद सिपाही जीवन सिंह खोलिया जम्मू कश्मीर की सियाचिन एलसी सेक्टर में पाकिस्तानी घुसपैठियों से लड़ते हुए शहीद हो गए।
  • 09 जुलाई 2002 – बिन्दूखत्ता के इंद्रानगर प्रथम निवासी शहीद सिपाही नंदा बल्लभ देवराडी जम्मू कश्मीर मैं ऑपरेशन रक्षक सांभा सेक्टर में पाकिस्तानी सैनिकों से लड़ते हुए शहीद हो गए।
  • 03 जून 2003 – बिन्दूखत्ता के 17 एकड़ शास्त्री नगर निवासी शहीद सिपाही जगत सिंह जम्मू कश्मीर के सियाचिन एल सी सेक्टर में दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हुए।
  • 07 अगस्त 2006 – बिन्दूखत्ता के संजय नगर निवासी शहीद विक्रम सिंह कन्याल जम्मू कश्मीर में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए।
  • 07 अगस्त 2008 – बिन्दूखत्ता के खुरियाखत्ता निवासी शहीद सिपाही राम सिंह धामी झारखंड में नक्सली हमले में शहीद हुए।
  • 24 नवम्बर 2009 – बिन्दूखत्ता के इंद्रानगर प्रथम निवासी शहीद सिपाही महेंद्र सिंह धामी ने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
  • 11 जून 2020- गोरापड़ाव निवासी एवरेस्ट विजेता शाहिद सूबेदार जमुना प्रसाद पनेरु ने जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा मैं पेट्रोलिंग के दौरान देश के लिए शहीद हो गए।
  • मार्च 2002 – हल्दूचौड़ के भान देव निवासी शहीद सिपाही सुधीर बमेठा ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
  • 1984 – हल्दूचौड़ के दौलिया ग्रामसभा निवासी जगदीश चन्द्र जोशी ने अमृतसर में ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान वीरगति प्राप्त की।
  • 1962, 1965, 1971 के युद्ध के शहीदों के परिजन।
  • 1- बिन्दूखत्ता के गांधी नगर शहीद धनी राम 15-08-1965 महर रेजिमेंट भारत पाक युद्ध में देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों को न्यौछावर किया।
  • 2- बिन्दूखत्ता के गांधीनगर निवासी शहीद सिपाही धनीराम व शहीद सिपाही मोहन सिंह रावत ने 7-09-1965 में जम्मू कश्मीर में भारत पाक युद्ध में वीरगति प्राप्त की।
  • 3- बिन्दूखत्ता के संजय नगर निवासी सिपाही शहीद चंद्रमणि ने 05-12-1971 में बांग्लादेश में ऑपरेशन ककट्स लीली के दौरान देश रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देे दी।
  • 4- बिन्दूखत्ता के राजीव नगर निवासी शहीद हवलदार किशन सिंह ने 1984 में जम्मू कश्मीर में देश की रक्षा करते हुए ।
  • 5- बिन्दूखत्ता के राजीव नगर घोड़ानाला निवासी शहीद सिपाही चंदर राम 1988 में श्रीलंका में ऑपरेशन पवन के दौरान शहीद हो गए।

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