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Saturday, November 28, 2020
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खत्म हुई इंतजार की घड़ी:14 साल से था जिस पुल का इंतजार, राज्य स्थापना दिवस पर होगा उस लंबे डोबरा-चांठी पुल का उद्घाटन, जानिए

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आखिरकार दशकों इंतजार की घड़ी अब समाप्त हुई। आने वाला 8 नवंबर टिहरी जिले समेत समस्त उत्तराखंड के लिए एक बेहद शानदार और खास दिन साबित होने वाला है। टिहरी झील पर बना डोबरा चांठी पुल आने वाले 8 नवंबर को आम जनता के वाहनों की आवाजाही के लिए खुलने जा रहा है। 14 साल से पुल के लिए टिहरी समेत प्रताप नगर के निवासी इंतजार कर रहे थे। आखिरकार उनका यह इंतजार अब खत्म हुआ। आने वाला 8 नवंबर वह ऐतिहासिक दिन होगा जिस दिन देश का सबसे लंबा पुल डोबरा-चांठी पुल का उद्घाटन होगा।

बता दें कि इस पुल के बनने से तकरीबन ढाई लाख की आबादी की मुश्किलें कम हो जाएंगी और उनका समय भी बचेगा। अबतक प्रताप नगर जाने के लिए लोगों को पीपलडाली रोड से जाना पड़ता है। लेकिन पुल पर आवाजाही शुरू होने के बाद प्रताप नगर कम समय में पहुंचा जा सकेगा। इससे प्रताप नगर की लगभग ढाई लाख की आबादी को भी कई तरह की दिक्कतों से भी छुटकारा मिल जाएगा। अबतक नई टिहरी से 5 घंटे का सफर तय कर प्रतापनगर पहुंचा जा सकता है। अगर यह पुल बन जाता है तो केवल डेढ़ घंटे में ही सफर तय हो जाएगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत खुद करेंगे पुल का लोकार्पण

देश के सबसे लंबे डोबरा- चांठी पुल के उद्घाटन के लिए राज्य स्थापना दिवस से बेहतर दिन और क्या हो सकता है। पहले यह तय हुआ था कि स्वयं प्रधानमंत्री इस पुल का उद्घाटन करने आएंगे मगर उनकी व्यस्तताओं के चलते उनको समय नहीं मिल सका। जनता की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत खुद इस पुल का लोकार्पण करेंगे। आने वाले 8 नवंबर यानी कि राज्य स्थापना दिवस के दिन ठीक 12 बजे देश का सबसे लंबा पुल डोबरा-चांठी पुल का उद्घाटन होगा। प्रताप नगर के विधायक विजय सिंह के अनुसार प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी लोकार्पण कार्यक्रम को भव्य रूप देने के लिए सभी तरह की तैयारियों में जुट चुके हैं।

6 करोड़ की लागत वाली आधुनिक लाइटनिंग बढ़ाएगी रात में पुल की सुंदरता

पर्यटन को बढ़ावा देने और पुल की खूबसूरती बढ़ाने के लिए पुल के ऊपर 6 करोड़ की लागत वाली आधुनिक लाइटनिंग लगाई है जो कि रात में पुल की सुंदरता पर चार चांद लगा देगी। बता दें कि इस पुल का निर्माण 2006 में शुरू हुआ। 2010 में फेल होने के बाद पुल का निर्माण कार्य बंद कर दिया गया। 2017 में त्रिवेंद्र सरकार सत्ता में आई और उसने इस पुल को अपनी प्राथमिकता में रखा। बीते 4 अक्टूबर को डोबरा-चांठी पुल पर वाहनों का ट्रायल कराया गया जो कि सफल रहा।

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