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Thursday, April 22, 2021
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राष्‍ट्रीय युवा दिवस के रूप में हर साल मनायी जाती है स्वामी विवेकानंद की जयंती

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भारत के महान पुरुषों में से एक और महान विचारक स्‍वामी विवेकानंद की जयंती 12 जनवरी को मनाई जाती है। इसे देश भर में राष्‍ट्रीय युवा दिवस के रूप में हर साल मनाया जाता है। देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी स्वामी विवेकानंद के जन्‍मदिवस को युवा दिवस के रूप में काफी धूमधाम से मनाया जाता है। स्‍वामी विवेकानंद एक महान विचारक और ऐसे हिंदू नेता थे, जिन्‍होंने भारत की आध्‍यात्मिक संस्‍कृति को विश्‍व भर में एक नई पहचान दिलाई। इसी दिशा में उन्‍होंने रामकृष्‍ण मिशन और रामकृष्‍ण मठ की स्‍थापना की। उनका जन्‍मदिन हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष मास के कृष्‍ण पक्ष की सप्‍तमी को माना जाता है। वहीं अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार उनका जन्‍मदिन हर साल 12 जनवरी को मनाया जाता है। देश भर में इसे राष्‍ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन रामकृष्‍ण मिशन और रामकृष्‍ण मठ की विभिन्‍न शाखाओं में हवन, धार्मिक प्रवचन जैसे आध्‍यात्कि कार्यक्रमों का आयोजन होता है।

स्‍वामी विवेकानंद के बचपन का नाम नरेंद्रनाथ दत्‍त था और वह बेहद नटखट और शरारती थे। कई बार उनकी माताजी भुवनेश्वरी देवी उनको शांत करने के लिए एक अलग तरीका अपनाती थीं। वह उनका सिर ठंडे पानी में डुबो कर ‘ओम नम: शिवाय’ का जाप करती। इसके बाद वह तुरंत शांत हो जाया करते थे। स्‍वामीजी को पशु-पक्षियों और पेड़-पौधों से खास लगाव था। यहां तक कि उन्‍होंने बचपन में गाय, बंदर, बकरी, मोर और कई कबूतर पाल रखे थे। आध्‍यात्म के प्रति उनका झुकाव बचपन से ही था और वह अक्‍सर साधु-संतों के प्रवचनों को सुना करते थे। नरेंद्रनाथ दत्त 25 साल की उम्र में घर-बार छोड़कर संन्यासी बन गए थे। संन्यास लेने के बाद इनका नाम विवेकानंद पड़ा।

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