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Thursday, April 22, 2021
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इंसान की जिंदगी का सवाल, होटेलिएर मकान सिंह जी की मदद के लिए आगे आये अंतर्राष्ट्रीय समाज सेवी रोशन रतूड़ी जी

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आज अंतर्राष्ट्रीय समाज सेवी रोशन रतूड़ी जी हर बार की तरह होटेलिएर भाई बंधुआ की सेवा के लिए एक बार फिर से आगे आये है इस बार बेहद दुःखद मामला सामने आया है। उत्तराखंड निवासी श्री मकान सिंह जी जो ग्राम तोली वनगंढ , जाखणी दार , ज़िला-टिहरी गढवाल से है। रोजगार की तलाश में ये विदेश डार एस सलाम तंज़ानिया गए थे जैसा की अमूमन हर उत्तराखंडी होटल इंडस्ट्री में होते ही है उसी प्रकार मकान सिंह जी भी है। इनके परिवार में पत्नी (कमला देवी) और 2 बेटियां और 1 बेटा है न मन बाप है न सास ससुर। मकान सिंह जी जब विदेश में काम कर रहे थे तो इनका परिवार चंडीगढ़ में किराया पर हसी ख़ुशी से रह रहा था और अचानक से इस हस्ते खेलते परिवार को बुरी नज़र लग गयी मकान सिंह जी की तबियत अचानक से डार एस सलाम तंज़ानिया में ख़राब हो गई जब इन्हे श्री हिन्दू मंडल हॉस्पिटल डार एस सलाम तंज़ानिया में भर्ती कराया गया तो पता चला की इनकी दोनों किडनी ने काम करना बंद कर दिया है और लिवर ने भी काम करना बंद कर दिया है। ऐंसी स्थिति में एक बार फिरसे रोशन रतूड़ी जी से मकान जी के परिवार ने मद्दद की गुहार लगाई है की इन्हे अपने मुल्क लाया जाये और इनकी जान बचा ली जाये क्यूंकि मकान जी के सिवा परिवार का देखभाल करने वाला और कोई नहीं है।

अभी वो श्री हिन्दू मंडल हॉस्पिटल डार एस सलाम तंज़ानिया में है। कुछ समय पहले इसी शहर में हमारे उत्तराखंड के रावत जी की मृत्यु हुई थी जिनकी पत्नी और बचे इसी शहर में रहते थे हालाँकि उनका अंतिम संस्कार अपनी जन्मभूमि में ही हो चूका है और अब ये दूसरा मामला सामने आया है जो दिल को झंजोड़ देने वाला है उनकी पत्नी और बच्चों का रो रो कर बुरा हाल है आंसू नहीं रुक पते और अभी इस कोरोना महामारी के कारण लगभग पूरी दुनिया में लॉकडाउन चल रहा है और तंज़ानिया से डायरेक्ट फ्लाइट भी नहीं है और जो हैं भी वो मुंबई से कनेक्टेड होती है और लगभग 8 घंटे से ज्यादा का समय लेती है और ऐसे में एक आदमी जिसकी दोनों किडनी और लिवर ने काम करना बंद कर दिया है और इनकी उम्र भी ज्यादा नहीं है मात्र 40 साल के मकान सिंह।

मकान सिंह जी के परिवार ने अंतर्राष्ट्रीय समाजसेवी रोशन रतूड़ी जी से मद्दद के गुहार लगायी है जिस प्रकार रोशन रतूड़ी जी तमाम होटेलिएर की मद्दद के लिए तत्पर रहते है उसी उम्मीद में मकान जी के परिवार वालो ने आज रोशन रतूड़ी जी से मदद की गुहार लगायी है और रोशन रतूड़ी जी ने आज फेसबुक पर लाइव आकर इस परिवार के लिए सभी से मदद मांगी है जिस प्रकार बून्द बून्द से घड़ा बनता उसी प्रकार तमाम उत्तरखंड के भाई बंधुओं से एक होकर मदद की गुहार लगायी है।

रोशन रतूड़ी जी ने बताया की क़ानूनी तौर पर इस काम के लिए सरकार की मद्दद चाहिए होगी क्यूंकि जो वहां की सरकार ने स्पेशल विमान से मकान जी को ले जाने के लिए $1 लाख डॉलर से भी ऊपर का खर्चा बताया है जो की बहुत ज्यादा है अगर वहां से एयर इंडिया होती तो एयर इंडिया फ्लाइट में एम्बुलेंस सर्विस के जरिये सरकार से रिक्वेस्ट करके भी इन्हे लाया जा सकता था हालां की इसका खर्चा भी बहुत ज्यादा होता पर ऐसी मुश्किल घडी में अब करें तो करें क्या? अब एक गरीब परिवार कैसे इतना भार सर पर उठा पाएंगे इस मुश्किल घडी में मकान जी की पत्नी पर क्या बीत रही होगी जिनका न पिता है न सास न ससुर एकलौते मकान जी ही परिवार का रोजी रोटी कमाने वाले हैं। मकान जी की पत्नी (कमला देवी) ने बताया की इनका बेटा जो की सबमे छोटा है जिसकी तबियत ठीक नहीं रहती और चंडीगढ़ PGI हॉस्पिटल से दवाइयां चल रही है, अब भगवान् न करें इस व्यक्ति को अगर कुछ जाता है तो इस परिवार कर क्या होगा? इसीलिए रोशन रतूड़ी जी बार बार होटेलिएर के लिए आवाज उठाते रहते और बोलते हैं की हर होटेलिएर का इन्शुरन्स होना बहुत जरूरी है अगर इन्शुरन्स हो तो ऐंसी मुश्किल घडी में इस परिवार की आर्थिक मद्दद के लिए वो इन्शुरन्स काम तो आएगा।

 

 

सरकारें-संस्थाएं, हम-आप, सभी मद्दद के लिए तो आएंगे ही पर फिर भी आप अपना इन्शुरन्स जरूर करवाएं क्यूंकि मकान जी की ऐंसी इस्थिति में कौन इनकी मद्दद करेगा? कौन इनके बच्चों का भरण पोषण करेगा ? कोई नहीं जानता

रोशन जी ने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई है की इस मुश्किल घडी में इस परिवार की मद्दद की जाये क्यूंकि ये परिवार आर्थिक रूप से इतना मजबूत है नहीं है और परिवार में रोजी रोटी कमाने वाले एकलौते मकान सिंह जी ही हैं। विदेश मंत्रालय से अपील की है की आप कृपया डार एस सलाम तंज़ानिया में भारतीय दूतावास में सूचित करें और मकान सिंह जी को हॉस्पिटल में मिलने जाएँ और इन्हे वापस भारत भेजा जाये हालाँकि इसमें खर्चा बहुत आएगा पर एक व्यक्ति की जान के पीछे पुरे परिवार की कमान है कौन उनके बीवी बच्चों का ललन पोषण करेगा। रोशन रतूड़ी जी ने कहा भारतीय विदेश मंत्रालय तंज़ानिया में भारतीय दूतावास से वहां की सरकार और श्री हिन्दू मंडल हॉस्पिटल से आपस में मिलकर बात करें तो शायद इस परिवार की मद्दद की जा सकती है और वहां के हॉस्पिटल से एक्सेप्टेन्स लेटर लेकर मकान सिंह जी को वापस लाकर अपने मुल्क में ही उनका इलाज़ किया जाये ।

इस कोरोना महामारी के कारण फ्लाइट की दिक्कतें तो है पर स्पेशल एयरक्राफ्ट के जरिये ऐसी इमरजेंसी में स्पेशल विमान से इन्हे लाया जा सकता है जिसका खर्चा बहुत ज्यादा होगा इसीलिए हम सबको मिलकर मद्दद के लिए आगे आना होगा ताकि हम मकान सिंह की जिंदगी बचा सके। हमारे उत्तराखंड के अंदर लगभग 1.2 करोड़ की आबादी है अगर एक व्यक्ति १-१ रूपये की भी मदद करें तो एक व्यक्ति की जिंदगी और उसके पीछे उसकी पत्नी 2 बेटियां और 1 बेटे का सवाल है और ऐसी परेशानी किसी भी व्यक्ति के साथ आ सकती है ऐसे में सबको एकता का सन्देश देके आगे आना चाहिए और मद्दद के लिए एक छोटा सा सहयोग करना चाहिए।

इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि ज्यादा ज्यादा लोग इस परिवार की मद्दद कर सके।

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