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Wednesday, April 21, 2021
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जानिए उत्तराखंड में पाए जाने वाले खनिज सम्पदा व खनिज पदार्थ के बारे में

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खनिज ऐसे भौतिक पदार्थ हैं जो खान से खोद कर निकाले जाते हैं। कुछ उपयोगी खनिज पदार्थों के नाम हैं – लोहा, अभ्रक, कोयला, बॉक्साइट (जिससे अलुमिनियम बनता है), नमक (पाकिस्तान व भारत के अनेक क्षेत्रों में खान से नमक निकाला जाता है) जैैैसेे- जस्ता, चूना पत्थर इत्यादि।
राज्य में खनिज संसाधनों की कमी है, फिर भी कुछ मात्रा में खनिजों का उत्पादन होता है। कुछ जगहों में खनिजों का पता लगाया गया है। अभी तक की खोजों के आधार पर कहा जा सकता है कि उत्तराखण्ड खनिज कि दृष्टि से एक माध्यम श्रेणी का राज्य है।
 
उत्तराखंड के खनिज संसाधन-

चूना पत्थर

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चूना पत्थर उत्तराखंड राज्य के देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल और चमोली जिले में मिलता है। इसके अतिरिक्त अल्मोड़ा, नैनीताल व पिथौरागढ़ में भी कई जगह चूना पत्थरों कीउपलब्धता है, इस खनिज का उपयोग चूना उद्योग के अलावा सीमेंट उद्योग में किया जाता है।

संगमरमर

संगमरमर मुख्य रूप से देहरादून व टिहरी जिलों से प्राप्त होता है।

मैग्नेसाइट

कुमाऊ मंडल के अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर तथा गढ़वाल मंडल के चमोली में मैग्नेसाइट का विशाल भंडार है। यह राज्य की ही नहीं बल्कि देश का भी मैग्नेसाइट भंडार का प्रमुख क्षेत्र है, इस खनिज का उपयोग लोहा इस्पात (Iron Steel) और सीमेंट कारखाने में विशाल भट्टी में ताप सहित ईंटों(fire bricks) के रूप में किया जाता है।

टाल्क (सोप स्टोन)

यह अत्यंत कोमल खनिज है, जो राज्य के चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर तथा अल्मोड़ा जिले में पाया जाता है । इसका उपयोग सौंदर्य प्रसाधन टेलकम पाउडर , पेस्ट, साबुन, कीटनाशक पाउडर , वस्त्र उद्योग व कागज आदि के निर्माण में किया जाता है।

खड़िया चौक

उत्तराखंड राज्य में खड़िया देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली तथा नैनीताल जिले में पाया जाता है।

फास्फेट

उत्तराखंड के देहरादून, टिहरी तथा नैनीताल जिले में रॉक फास्फेट के भंडार है, उनका उपयोग उद्योग कॉल फॉर्मेशन तथा अम्लीय मृदा के उपचार के लिए किया जाता है।

फास्फोरस

उत्तराखंड के टिहरी जिले में रझगेंवा क्षेत्र में फास्फेट का भंडार है, इसके अलावा देहरादून में भी इसका भंडार है।

डोलोमाइट

उत्तराखंड के देहरादून, टिहरी, व पिथौरागढ़ जिले में डोलोमाइट के भंडार है, इसका उपयोग सीमेंट, प्लास्टर ऑफ पेरिस तथा तेजाब आदि के निर्माण में किया जाता है।

सेलखड़ी

उत्तराखंड राज्य में सेलखड़ी मुख्यतः देहरादून, टिहरी तथा पौड़ी गढ़वाल जिले में पाया जाता है, जिसका उपयोग रसायनिक उर्वरक, सीमेंट, कागज़ आदि में किया जाता हैं।

गंधक

उत्तराखंड में गंधक की खोज, सर्वप्रथम 1957 में चमोली के नंदप्रयाग में रूपगंगा घाटी में हुई, इसके बाद चमोली के ही गोहाना ताल के पास तथा देहरादून के सहस्त्र धारा के जल में गंधक घुलापाया गया। यह भी माना जाता है कि यहां नहाने से त्वचा के कई रोग ठीक हो जाते हैं।

जिप्सम

उत्तराखंड में जिप्सम मुख्यतः देहरादून, टिहरी, पौढ़ी, नैनीताल तथा अल्मोड़ा में पाया जाता है, इसका उपयोग सीमेंट, गंधक व अमोनियम सल्फेट के निर्माण में किया जाता है।

लोहा

उत्तराखंड में लोहा बहुत कम मात्रा में पाया जाता है, जो कि नैनीताल, पौढ़ी, टिहरी तथा अल्मोड़ा जिले में पाए जाते हैं।

तांबा

राज्य में तांबा चमोली, पौड़ी, टिहरी, देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा व पिथौरागढ़ जिले में पाया जाता है। अल्मोड़ा के झिरोली गांव के समीप फलंमती व बागेश्वर के थेलीपाटन में तांबे के भंडारों की खोज की गई है।

सिलिका सेंड (सीसा)

उत्तराखंड के पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी एवं पौड़ी गढ़वाल में सिलिकासैंड के भंडार पाए जाते हैं।

ग्रेफाइट

राज्य के अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल तथा नैनीताल व देहरादून में ग्रेफाइट पाया जाता है।

सोना

उत्तराखंड राज्य में कुछ मात्रा में सोना, शारदा व रामगंगा के बालू में पाया जाता है, इसके अतिरिक्त अलकनंदा और पिंडर के बालू में भी सोना मिलता है।

चांदी

उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा जिले में कुछ मात्रा में चांदी मिलता है।

यूरेनियम

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में यूरेनियम की उपलब्धता के संकेत मिलते हैं ।

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