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Wednesday, January 27, 2021
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निमोनिया की पहली स्वदेशी वैक्सीन को ड्रग कंट्रोलर की मंजूरी, इसे कोरोना वैक्सीन बना रहे अडार पूनावाला की कंपनी ने तैयार किया

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देश के ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने भारत में बने पहले पूर्ण रूप से विकसित न्यूमोकोकल पॉलीसैकराइड कन्ज्यूगेट वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। इस वैक्सीन को दवा उद्यमी अडार पूनावाला की पुणे स्थित कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने डेवलप किया है। पूनावाला कोविड-19 के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन का भारत में उत्पादन कर रहे हैं।

बुधवार को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में इस वैक्सीन को अनुमति दिए जाने के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया है कि यह निमोनिया से बचाव के लिए भारत में बनी पहली स्वदेशी वैक्सीन है।

इस वैक्सीन का इस्तेमाल शिशुओं में” स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया “के कारण होने वाले गंभीर निमोनिया से बचाव के लिए किया जाता है। इसे बच्चों को चमड़ी के नीचे यानी इंट्रामस्क्युलर तरीके से दिया जाता है।

सीरम इंस्टीट्यूट ने देश में ही इस वैक्सीन के पहले, दूसरे और तीसरे फेज के ट्रायल करने की स्वीकृति ली थी। इसके अलावा इस कंपनी ने विदेश में अफ्रीकी देश गाम्बिया के लोगों के बीच भी इस वैक्सीन का ट्रायल किया है।

सफल ट्रायल के बाद, कंपनी को इस वैक्सीन के निर्माण और बाजार में बेचने की अनुमति मिल गई है।

देश में ड्रग कंट्रोलर जनरल ने इस वैक्सीन के ट्रायल डेटा की समीक्षा वैक्सीन निर्माण के लिए स्पेशल एक्सपर्ट कमेटी (एसईसी) की मदद से की है। इसी कमेटी ने वैक्सीन को बाजार में लाने की अनुमति देने की सिफारिश की थी।

इससे पहले बच्चों को दिए जाने वाले निमोनिया वैक्सीन की मांग को काफी हद तक विदेश से मंगवाकर पूरा किया जाता था,  लेकिन अब इस वैक्सीन के बनने के बाद भारत इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेगा।

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