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Saturday, November 28, 2020
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कोरोना वायरस इफेक्ट: पिछले 13 सालों में सबसे कम बेरोजगार करवा पाए रजिस्ट्रेशन

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उत्तराखंड में भले ही बेरोजगारों की फौज खड़ी हो गई हो, पर सेवायोजन विभाग में उस अनुपात में पंजीकरण नहीं हो रहे हैं। कोरोना के वजह से पंजीकरण का अनुपात सामान्य से भी बहुत कम हो गया है। इस साल सिर्फ 90642 युवाओं ने ही पंजीकरण करवाया है ।
जबकि बीते वर्षों में यही आंकड़ा सवा लाख से डेढ़ लाख प्रति वर्ष तक रहता था। राज्य में मार्च के अंतिम सप्ताह में लॉकडाउन शुरू हुआ था। हालांकि कुछ माह बाद ही कुछ शर्तों के साथ सरकारी कार्यालय भी खोल दिए गए।
विभागों में कामकाज भी शुरू हो गया। इसके बाद भी सेवायोजन विभाग में पंजीकरण की प्रक्रिया में कोई परिवर्तन नहीं हो पाई। सेवायोजन विभाग की ओर से ऑनलाइन पंजीकरण का प्रचार सही तरीके से न होने के चलते ज्यादातर युवा आज भी ऑफलाइन रजिस्टे्रशन पर ही अधिक से अधिक निर्भर हैं।
लॉकडाउन में ऑनलाइन पंजीकरण ही बेहतर विकल्प साबित हो सकता था पर सही व्यवस्था न होने का सीधा असर युवाओं के पंजीकरण पर पड़ रहा है।
ऑनलाइन पंजीकरण में भी कम आवेदन आए। ऑनलाइन पंजीकरण का भी प्रचार-प्रसार किया जा रहा है ताकि बेरोजगार युवा घर बैठे ही अपना पंजीकरण करवा सकें। इसके साथ ही प्रदेशभर में रोजगार मेलों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।

रोजगार मेलों के आयोजन पर भी पड़ रहा व्यापक का असर ,उत्तराखंड में रोजगार के लिए लगने वाले मेलों पर भी कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन का व्यापक असर पड़ा है। वर्ष 2019 में जहां पूरे राज्य में 84 रोजगार मेलों का आयोजन हुआ वहीं, 2020 में सिर्फ एक ही रोजगार मेला आयोजित हो पाया। वर्ष 2019 में इन 84 मेलों में 18983 युवाओं ने भाग लिया। 2709 युवाओं का चयन भी विभिन्न कंपनियों, संस्थानों में हुआ। 43139 युवाओं की काउंसिलिंग भी की गई। 2020 में एक मेले में 699 युवाओं ने भाग लिया, लेकिन चयन एक का भी नहीं हो पाया। 1136 युवाओं की काउंसलिंग की गई।

वर्ष पंजीकरण
2001 99754
2002 100662
2003 61689
2004 73389
2005 151945
2006 155993
2007 82973
2008 141065
2009 115444
2010 171528
2011 196196
2012 163896
2013 151786
2014 254312
2015 182754
2016 174255
2017 161404
2018 146666
2019 112273
2020 90642

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