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Sunday, January 24, 2021
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साल 2020 में कोरोना वायरस से लेकर किसान आंदोलन तक जाने 10 बड़ी बातें, जानिए साल भर की बड़ी घटनाओं का ब्यौरा

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2020 का यह आखिरी महीना है, जिसका कुछ ही समय शेष और है। कोरोना वायरस की वजह पूरा देश परेशान रहा, वही 2020 सभी के लिए चुनौती भरा रहा। कोरोना को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया गया, जिसने आर्थिक स्थितियों को कमजोर कर दिया, प्रवासी मजदूर पलायन करने को मजबूर हुए और लोगों के सामने रोजी-रोटी का भारी संकट खड़ा हुआ। वही 2020 में ही  देश में दंगे हुए और विरोध प्रदर्शन भी हुआ। वहीं अभी तक किसानों का आंदोलन जारी है।

आइए डाले एक नजर 2020 में घटी बड़ी घटनाओं पर:

1)- राम मंदिर शिलान्यास- 
लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने पर मुहर लगाई। 2020 में पीएम मोदी ने राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया और मंदिर की आधारशिला रखी। राम मंदिर तैयार होने में लगभग 36-40 महीने का समय लगने का अनुमान हैै।

2)- कोरोनावायरस-
कोरोनावायरस ने देश के साथ-साथ पूरी दुनिया को अस्त-व्यस्त कर दिया। महामारी का कहर इस कदर बढ़ा कि 180 से ज्यादा देशों को अपनी चपेट में ले लिया। कोरोना को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए गए है और आगे भी जारी है। अब कोरोना वैक्सीन का इंतजार है।

 3)- निर्भया के दोषियों को  मिली फांसी की सजा-
16 दिसंबर 2012 की वो रात, जब बस में निर्भया से सामूहिक बलात्कार की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।निर्भया को न्याय दिलाने के लिए देश के कोने-कोने से आवाज उठी,लोग सड़कों पर उतरे, संसद में भी निर्भया केस की गूंज उठी, बड़ी संख्या में लोग इंडिया गेट पहुंचे और निर्भया के गुनाहगारों को फांसी पर चढ़ाने की मांग की।निर्भया के चार गुनाहगारों मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय सिंह को आखिरकार सात साल बाद 20 मार्च 2020 को सजा हुई।

4)- अर्थव्यवस्था की बुरी स्थिति-
अर्थव्यवस्था के लिहाज से साल 2020 काफी खराब रहा।अमेरिका-चीन के बीच व्यापार युद्ध और अन्य वैश्विक एवं घरेलू कारकों के चलते सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था पर कोरोना महामारी की भयंकर मार पड़ी। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में देश की जीडीपी में 23.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी में 7.5 प्रतिशत गिरावट आई।

5)- गलवान में हुई भारत-चीन झड़प-
चीन ने गलवान घाटी में सैन्य तैनाती बढ़ाई, जवाब में भारत ने भी सैनिकों को और मजबूत किया। 15-16 जून गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने आए और सैनिकों में हिंसक झड़प हुई, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हुए।चीन को भी जान-माल का खासा नुकसान हुआ। 16 जून को सुबह जैसे ही खबर सामने आई देश में कोहराम मच गया।

6)- दिल्ली दंगा, सीएए के खिलाफ शाहीनबाग में हुआ विरोध-प्रदर्शन-
पिछले साल के अंत में पेश नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) संसद की मंजूरी के बाद कानून तो बन गया, लेकिन इसका विरोध 2020 में भी नहीं थमा। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में पूर्वोत्तर से उठी आवाज 2020 की शुरुआत तक देशभर में विरोध प्रदर्शन की शक्ल ले चुकी थी।दिल्ली के शाहीनबाग में सीएए के खिलाफ लंबे समय तक प्रदर्शन चला और हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। सीएए के विरोध में भड़की हिंसा फरवरी महीने के आखिर तक दंगों में तब्दील हो गई। कई इलाकों में वाहनों में तोड़ फोड़, आगजनी और पत्थरबाजी हुई। पुलिस को भी निशाना बनाया गया।दिल्ली दंगों में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और सैकड़ों लोग घायल हुए।

7)- बालीवुड स्टार सुशांत सिंह राजपूत की हुई मौत-
बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत ने न सिर्फ फिल्म जगत बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। वे अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे। सुशांत राजपूत की मौत से बॉलीवुड में वंशवाद को लेकर हंगामा हुआ। रिया चक्रवर्ती का नाम आया, ड्रग्स एंगल को लेकर जांच शुरू हुई और जांच का दायरा बढ़ता गया। सुशांत के परिवार ने रिया पर पैसे ऐंठने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। फिलहाल, सुशांत की मौत की जांच सीबीआई कर रही है, जो अभी तक नहीं सुलझी है।

8)- मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन-
मध्य प्रदेश में बड़ी राजनीतिक हलचल तब हुई जब राहुल गांधी के भरोसेमंद ज्योतिरादित्य सिंधिया हाथ (कांग्रेस) का साथ छोड़कर भाजपा में चले गए। इसके बाद शुरू हुआ कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे का सिलसिला। सप्ताह भर चले राजनीतिक रस्साकशी में कमलनाथ सरकार गिर गई। शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर मध्य प्रदेश की कमान संभाली।राज्य में उपचुनाव हुए। भाजपा ने तीन नवंबर को 28 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में 19 सीटें जीतकर सत्ता बचा ली जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस मात्र नौ सीटों पर सिमट गई।

9)- बिहार विधानसभा चुनाव-
2020 में बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर खासी लोकप्रियता रही। विपक्ष को सत्ता में आने का भरोसा था, लेकिन तस्वीर सामने आई तो बाजी पलट चुकी थी। एनडीए एक बार फिर सत्ता पर काबिज होने में कामयाब रहा। नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को सीटों का नुकसान जरूर हुआ, लेकिन बीजेपी के आशीर्वाद से वह सीएम की कुर्सी पाने में कामयाब रहे। लोजपा को एक सीट पर संतोष करना पड़ा। 75 सीटें जीतने वाली RJD कांग्रेस का खराब प्रदर्शन रहा।

10)- किसान आंदोलन-
केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन ने ठंड के मौसम में दिल्ली सियासी तपीश को बढ़ा दिया। केंद्र सरकार सितंबर महीने में 3 नए कृषि विधेयक लाई, जो संसद की मंजूरी और राष्ट्रपति की मुहर के बाद कानून बने। लेेकिन किसानों को ये कानून रास नहीं आ रहे हैं, और किसान ‘दिल्ली चलो अभियान’ के तहत राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में डेरा डाले हुए हैं और सरकार से लंबी लड़ाई को तैयार हैं। कानूनों को रद्द करने से कम पर मानने को किसान तैयार नहीं हैं। किसान संगठनों और सरकार के बीच वार्ता हुई, जिसमें भी वे नहीं माने। किसानों के आंदोलन का सिलसिला अब भी जारी है ।

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