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Wednesday, April 21, 2021
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उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में 57 हजार 432 करोड़ रुपये का बजट हुआ पेश, जानें बजट 2021 की अहम बातें

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उत्तराखंड से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में बजट 2021 से जुड़ा अपडेट आया है। उत्तराखंड  की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण  में गुरूवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत  ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 57 हजार 432 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह बजट त्रिवेंद्र सरकार 5वां बजट है। इस बजट में 2022 तक किसानों की आय दुगना करने का संकल्प जताते हुए मुख्यमंत्री ने इस दिशा में परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत 87 करोड़ 56 लाख रुपये का प्रावधान किया है। इस बार गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए बजट में 245 करोड़ रुपये का प्रावधान गया है। उत्तराखंड सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री धस्यारी कल्याण योजना के लिए इस बजट में 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसी तरह जमरानी परियोजना के लिए भी की 240 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार ने सौंग पेयजल योजना के लिए 150 करोड़ रुपये और ग्रामीण जल जीवन मिशन के लिए 667 करोड़ 67 लाख रुपये रखे गए हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि केंद्र सरकार ने विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत किया है। बजट में मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के लिए 18 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान और राज्य सेक्टर के अन्तर्गत इस आय व्यय में पंचायत भवनों के निर्माण के लिए 49 करोड़ 86 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत आय-व्यय में कुल 153 करोड़ सात लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत 1154 करोड़ 62 लाख रूपये का प्रावधान प्रस्तावित है। अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के संचालन हेतु 150 करोड़ का प्रावधान है। चिकित्सा एवं परिवार कल्याण हेतु 3319 करोड़ 63 लाख रुपए का प्रावधान है। वहीं, ब्याज भुगतान के रूप में 6052.63 करोड़ व्यय अनुमानित है। ऋणों के भुगतान के रूप में 4241.57 करोड़ का व्यय अनुमानित है। समाज कल्याण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए 1152 करोड़ 88 लाख रुपये अनुमानित हुए। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत अल्पसंख्यक बहुल विकासखंडों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल आदि सुविधाओं के लिए 40 करोड़ 35 लाख रुपये अनुमानित हुए। अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति के तहत 25 करोड़ 65 लाख रुपये का प्रावधान रहा। राष्ट्रीय पोषण मिशन के लिए 43 करोड़ 71 लाख और अनुपूरक पोषाहार के लिए 482 करोड़ 73 लाख रुपये स्वीकृत हुए। मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना के अंतर्गत 24 करोड़ 75 लाख रुपये अनुमानित हुए। यह बजट ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण  में पेश हुआ। गैरसैण में पेश हुआ यह दूसरा बजट है।

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