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Sunday, November 1, 2020
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उत्तराखंड के 22 वर्षीय हिमांशु की मलेशिया में मौत, परिवार ने अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक रोशन रतूड़ी से लगाई मद्दद की गुहार

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विदेश में उत्तराखंड के एक और बेटे के मौत की दुखद खबर सामने आई है। साल 2019 से तैनात मलेशिया में मर्चेंट नेवी की एक कम्पनी ब्रॉड विन बिंटोरी एसबी में नैनीताल जिले के भीमताल के तोकगांव के बेरीजाला निवासी हिमांशु पलड़िया (22 वर्ष) पुत्र भुवनचन्द्र पलड़िया की बीते 14 अगस्त को आकस्मिक मौत हो गई है. बेटे की मौत की खबर सुन गमों के पहाड़ तले पड़ा बेसुध परिवार का लगातार रो रो कर बुरा हाल है।

मौत के एक सप्ताह के बाद भी हिमांशु का शव भारत नहीं भेजा गया है। बेटे के अंतिम दर्शनों के लिए विचलित मां – बाप और शोकाकुल परिवार बेटे को अंतिम स्पर्श की आस लगाए बैठे है मगर परिजनों की वेदना दिन प्रतिदिन दिन बढ़ती ही जा रही है।

हिमांशु मर्चेंट नेवी के जिस कम्पनी में तैनात था वहां से 14 अगस्त को उसके परिवार को फोन यह आता है कि उनके बेटे का देहांत हो गया है मौत की वजह किडनी फैल होना बताया गया है तो कुछ लोग बता रहे हैं की हिमांशु और उनके 2 अन्य साथियों ने गन्ना खाया था जिसमे में से वायरस उनकी बॉडी में गया गौर तलब यह है की इन तीनो में से हिमांशु की मौत हो गई और बाकि दोनों दोस्त सही सलामत है। यह खबर सुन कर पूरे परिवार में शोक का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है और कोरोना संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करने के कारण शव को भारत भेजने में देरी हो रही है।

शोक से व्याकुल मां बाप लगातार प्रदेश और केंद्र सरकार से बेटे को आखिरी बार देखने की गुहार लगा रहे है ऐसे में परिवार ने अंतराष्ट्रीय समाज सेवी रोशन रतूड़ी से मद्दद की गुहार लगाई है। रोशन रतूड़ी ने अपनी फेसबुक लाइव बताया की में लगातार परिवार के संपर्क में हूँ और हिमांशु के शव को मलेशिया से भारत लाने से पहले जो कुछ भी फॉर्मलिटीज होंगी वो जल्द से जल्द करने की कोशिस में लगे हुए है।

बूढ़े माँ-बाप ने 4-5 लाख रूपये खर्च करके बेटे के उज्वल भविस्य के लिए विदेश भेजा था पर क्या जाना था ऐसा होगा अभी हिमांशु की उम्र मात्र 21 वर्ष की है अभी दुनिया देखनी कई बाकि थी। अब जिंदगी दुबारा वापस तो आ नहीं सकती पर हिमांशु के माँ- बाप ने जो खर्चा किया होगा बेटे को पढ़ा लिखा कर विदेश भेजने के लिए उसका कुछ न कुछ आर्थिक मद्दद के रूप में वो तो मिल जाये।

अंतर्राष्ट्रीय समाज सेवी रोशन रतूड़ी लगातार प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले लोगो के लिए बार-बार आवाज़ उठा रहे है की आप किसी भी चीज़ में काम करे पर उससे पहले आपका क़ानूनी दस्तावेज़ीकरण होना बहुत अनिवार्य है जिसमे चाहे आपका नौकरी का आवेदन पत्र हो सैलरी स्लिप, मेडिकल इंस्युरेन्स, ड्यूटी टाइमिंग, छुटियाँ, और अन्य कईं दस्तावेज है जिनको आप सभी को ध्यान रखना चाहिए क्यूंकि ये बहुत महत्वपूर्ण है और बाद में कोई आपका इन दस्तावेजों के आधार पर शोषण नहीं कर सकता।

रोशन रतूड़ी ने बताया की जब किसी भी व्यक्ति की विदेश में किसी कारण मृत्यु हो जाती है तो लोग जल्दबाजी के चाकर में मृत शरीर का देह संस्कार कर देते हैं जिसके कारण वाश उस व्यक्ति का जो भी कुछ डॉक्यूमेंटेशन होता है वो रह जाता है जिसमे वो जहाँ काम करता हो वहां जितने दिन काम किया उसकी सैलरी हो मेडिकल इंस्युरेन्स के पैसे हो या किसी अन्य प्रकार के जो भी कागजी कार्यवाही और आर्थिक सम्पति वैसे ही रह जाती है। रोशन रतूड़ी जी ने इनसे ही एक जर्मनी में हुए उत्तराखंडी भाई (देव सिंह रावत) की मृत्यु का उदहारण दे कर बताया की कैसे जल्द बाजी करके अंतिम संस्कार करा दिया पर किसी ने उनके परिवार उनके बच्चों के बारे में नहीं सोचा की उनके आखिरी दर्शन करवा दें या अपनी मातृभूमि में ही उनका देह संस्कार हों। जाने वाला चला गया पर उसके जाने के बाद परिवार कैसे अपना जीवन वहां करेगा कैसे आर्थिक जरूरतें पूरी होंगी पर कुछ लोगो की आपसी होड़ में लोगों को इंसाफ नहीं मिल पता है।

अंतर्राष्ट्रीय समाज सेवी रोशन रतूड़ी ने बताया की हमारे ही लोग एक दूसरे के साथ लिए खड़े नहीं हो सकते आवाज नहीं उठा सकते साथ ही उन्होंने मकान सिंह जी का एक उदहारण दिया जो की अभी तंज़ानिया के दार इ सलाम में हिन्दू मंडल अस्पताल में किडनी और लिवर में खराबी के कारण बहुत गंभीर हालत में थे और उनका परिवार जिनका मकान सिंह के अलावा कोई दूसरा रोजी रोटी कमाने वाला भी नहीं है साथ ही परिवार में सिर्फ मकान सिंह की पत्नी और उनके तीन बच्चों के अलावा कोई नहीं है इनसे में सब लोगो ने एक साथ आकर उनकी मद्दद की और आज उनकी तबियत में बहुत सुधार है।

और एक बार अंत में आपको फिरसे बतां दें की आप लोग कहि भी काम के लिए जाये तो अपना क़ानूनी दस्तावेज़ीकरण जरूर करवाएं ताकि भविस्य में आपका किसी प्रकार से शोषण न हो पाए और अगर भविस्य में किसी कारण ऐसी दुर्घटना हो जाती है तो आपके परिवार के लिए आर्थिक मद्दद के रूप में कुछ कुछ सहायता राशि जरूर मिले तो इस बारे में आप जरूर सोचे और कंपनी ज्वाइन करने से पहले अपने सारे डॉक्यूमेंट जरूर पुरे करवाएं।

 

2 COMMENTS

  1. I am baku Azerbaijan job ishwari prasad chef frome uttrakhand Bageshwar district garur block gagari gole post riyoni lakhmar village 00994708224472
    My whatsup no same no
    I baku Maharani indian restaurant job
    Presently before 27septembar 2020to now presently working here

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